Google ने पब्लिशर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को चेतावनी दी है कि वे सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स को खुश करने के लिए अपनी लिखने की शैली न बदलें। कंपनी ने कहा है कि आर्टिकल्स को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ने से Google Search में रैंक बेहतर नहीं होती।
Google ने क्या कहा
Google के अधिकारियों ने कहा कि कंटेंट चंकिंग नाम का ट्रेंड फायदेमंद नहीं है। इस तरीके में लेखों को बहुत छोटे सेक्शन्स में बांट दिया जाता है ताकि AI सिस्टम उन्हें आसानी से पढ़ सकें।
Google ने साफ कहा कि यह रणनीति सर्च रैंकिंग सुधारने में मदद नहीं करती। लंबे समय में यह वेबसाइट के प्रदर्शन को नुकसान भी पहुंचा सकती है।
Google के एक सर्च एक्सपर्ट ने कहा,
“हम नहीं चाहते कि क्रिएटर्स सिर्फ AI सिस्टम के लिए कंटेंट बदलें।”
Google के आधिकारिक पॉडकास्ट में एक एक्सपर्ट ने बताया,
“हम लगातार ऐसी सलाह देख रहे हैं जिसमें कहा जा रहा है कि AI को छोटे हिस्सों वाला कंटेंट पसंद आता है।”
“लेकिन हम ऐसा करने की सलाह नहीं देते।”
Google ने यह चेतावनी क्यों दी
कई पब्लिशर्स को लगता है कि AI-आधारित सर्च फीचर्स छोटे और टूटे हुए कंटेंट को ज्यादा पसंद करते हैं। Google ने कहा कि यह सोच गलत है। सर्च रैंकिंग अब भी इंसानों के लिए लिखे गए कंटेंट पर निर्भर करती है।
Google ने यह भी कहा कि उसके सिस्टम उपयोगी, साफ और पूरी जानकारी को प्राथमिकता देते हैं। सिर्फ मशीनों को ध्यान में रखकर बनाए गए तरीके काम नहीं करते।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सलाह
Google ने पब्लिशर्स को क्वालिटी कंटेंट पर ध्यान देने की सलाह दी है। कंटेंट ऐसा होना चाहिए जो पढ़ने में आसान हो और यूजर्स के लिए मददगार हो। सिर्फ AI टूल्स को आकर्षित करने के लिए स्ट्रक्चर बदलने से बचना चाहिए।
अंतिम बात
Google का संदेश साफ है। इंसानों के लिए लिखें, AI के लिए नहीं। अच्छा कंटेंट, फॉर्मैटिंग ट्रिक्स से ज्यादा मायने रखता है।