फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और Meta AI की पैरेंट कंपनी Meta Platforms ने आधिकारिक तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप Manus का अधिग्रहण कर लिया है। यह घोषणा 29 दिसंबर 2025 को की गई और इसे Meta की AI रणनीति के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस डील का क्या मतलब है
Meta के अनुसार, Manus ने एक ऐसा एडवांस्ड ऑटोनॉमस AI एजेंट विकसित किया है, जो कोडिंग, मार्केट रिसर्च, डेटा एनालिसिस जैसे जटिल काम बहुत कम मानव हस्तक्षेप के साथ कर सकता है।
Meta इस टेक्नोलॉजी को अपने प्लेटफॉर्म्स जैसे Meta AI, Facebook, Instagram और बिजनेस टूल्स में इंटीग्रेट करने की योजना बना रहा है।
इसका मकसद यूजर्स और बिजनेस दोनों के लिए ऐसे AI टूल्स बनाना है, जो सिर्फ बातचीत ही नहीं, बल्कि वास्तविक काम भी पूरा कर सकें।
Manus की भूमिका क्या होगी
Meta ने साफ किया है कि अधिग्रहण के बाद भी Manus अपनी सर्विस अलग से चलाता रहेगा। कंपनी का सब्सक्रिप्शन-आधारित प्लेटफॉर्म पहले की तरह काम करता रहेगा और इसकी टीम Meta के साथ मिलकर AI एजेंट्स के विकास में योगदान देगी।
Manus का संचालन सिंगापुर से जारी रहेगा और मौजूदा यूजर्स पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
Manus क्या खास लाता है
Manus ने अब तक:
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147 ट्रिलियन से ज्यादा टोकन प्रोसेस किए हैं
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8 करोड़ से अधिक वर्चुअल कंप्यूटर अलग-अलग टास्क के लिए बनाए हैं
इसी वजह से Manus को AI एजेंट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से उभरती हुई कंपनी माना जा रहा है।
Meta की बड़ी AI रणनीति
यह अधिग्रहण Meta की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी OpenAI, Google और अन्य AI कंपनियों से मुकाबला करना चाहती है।
2025 में Meta ने AI में निवेश तेज किया है और Manus की टेक्नोलॉजी से वह अपने AI प्रोडक्ट्स को और ज्यादा शक्तिशाली बनाना चाहता है।
हालांकि इस डील की वित्तीय शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सौदा कई अरब डॉलर का हो सकता है।
आगे क्या उम्मीद करें
Meta का मानना है कि इस अधिग्रहण से वह करोड़ों यूजर्स और लाखों बिजनेस तक स्मार्ट AI एजेंट्स पहुंचा सकेगा, जो रोजमर्रा के काम को आसान और तेज बना सकते हैं।