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भारत में मेट्रो, सेमी हाई-स्पीड और हाई-स्पीड रेल अवसरों के लिए जुपिटर वैगन्स और पोलैंड की पेसा (PESA) साथ मिलकर तलाशेंगी संभावनाएं

भारत में मेट्रो, सेमी हाई-स्पीड और हाई-स्पीड रेल अवसरों के लिए जुपिटर वैगन्स और पोलैंड की पेसा (PESA) साथ मिलकर तलाशेंगी संभावनाएं

भारत की प्रमुख रोलिंग स्टॉक कंपनी और पोलैंड के सबसे बड़े ट्रेन निर्माता के बीच हुए इस समझौते (MoU) का उद्देश्य पैसेंजर रोलिंग स्टॉक और उपकरणों के स्थानीयकरण को बढ़ावा देना है। इसके तहत जुपिटर वैगन्स लिमिटेड एक ही छत के नीचे संपूर्ण मोबिलिटी समाधान तैयार कर रही है।

 

मुंबई: भारत की अग्रणी रोलिंग स्टॉक और मोबिलिटी सॉल्यूशंस कंपनियों में से एक, जुपिटर वैगन्स लिमिटेड (JWL) ने पोलैंड की सबसे बड़ी ट्रेनसेट और मेट्रो निर्माता कंपनी, पोयाज्दी शिनोवे पेसा बिदगोश्च एस.ए. (PESA) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य भारत में पैसेंजर रोलिंग स्टॉक के क्षेत्र में मिलकर काम करने के अवसरों को तलाशना है, क्योंकि देश का रेल नेटवर्क अब मेट्रो, सेमी हाई-स्पीड और हाई-स्पीड यात्रा के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। यह साझेदारी जुपिटर वैगन्स लिमिटेड को सिर्फ एक वैगन निर्माता से भविष्य के लिए तैयार, एकीकृत मोबिलिटी सॉल्यूशंस कंपनी बनाने की दिशा में अगला बड़ा कदम है, जिसका लक्ष्य मालगाड़ी और यात्री रोलिंग स्टॉक के साथ-साथ जरूरी उपकरणों को एक ही छत के नीचे लाना है।

 

भारत में यात्री रेल परिवहन तेजी से बदल रहा है। सेमी हाई-स्पीड ट्रेनसेट शहरों के बीच यात्रा के तरीके को बदल रहे हैं, देश का पहला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर आकार ले रहा है और विभिन्न शहरों में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार जारी है। इससे आधुनिक, कुशल और आरामदायक यात्री रेल वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। जुपिटर वैगन्स के लिए इस क्षेत्र में अभी से अपनी क्षमताएं विकसित करना जरूरी है, ताकि वह भविष्य में देश की बढ़ती रेल परिवहन जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार रह सके।

 

नई दिल्ली में आयोजित भारत-पोलैंड आर्थिक मंच के दौरान हस्ताक्षरित इस समझौता ज्ञापन के तहत जुपिटर वैगन्स और पेसा भारत तथा अन्य बाजारों में क्षेत्रीय, शहरों के बीच और शहरी परिवहन के लिए यात्री रेल वाहनों के विकास, निर्माण और परिचालन में सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगी।

 

इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां अपनी-अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाएंगी। पेसा की स्थापना की जड़ें वर्ष 1851 तक जाती हैं। कंपनी पोलैंड के बिदगोश्च शहर में स्थित है और पूरे यूरोप में मेट्रो तथा ट्राम सहित यात्री रेल वाहनों का डिजाइन, निर्माण और रखरखाव करती है। वहीं, जुपिटर वैगन्स के पास बड़े पैमाने पर उत्पादन की क्षमता, भारतीय रेलवे को आपूर्ति करने का लंबा अनुभव और रेल वाहनों, कलपुर्जों, कास्टिंग तथा व्हीलसेट के क्षेत्र में एकीकृत क्षमताएं हैं। कंपनी भारतीय रेलवे और निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी आपूर्ति करती है।

 

समझौते पर टिप्पणी करते हुए जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विवेक लोहिया ने कहा, “भारतीय रेल क्षेत्र एक निर्णायक दशक में प्रवेश कर रहा है। इस क्षेत्र में नेतृत्व वही कंपनियां करेंगी, जो अलग-अलग उत्पादों के बजाय संपूर्ण समाधान उपलब्ध कराएंगी। जुपिटर वैगन्स इसी दिशा में अपनी क्षमताएं विकसित कर रही है। वैगन और कलपुर्जों से लेकर कास्टिंग, व्हीलसेट और उनसे जुड़ी प्रणालियों तक, हम परिवहन क्षेत्र की पूरी मूल्य शृंखला के अधिक से अधिक हिस्सों को एक ही छत के नीचे ला रहे हैं। यात्री रेल वाहन इस दिशा में हमारा अगला स्वाभाविक कदम है।

 

“पेसा के साथ मिलकर हम यह तलाशेंगे कि उसके अनुभव और हमारी विनिर्माण क्षमता तथा भारतीय रेलवे की जरूरतों की समझ को जोड़कर भारत और अन्य बाजारों के लिए विश्वस्तरीय यात्री ट्रेनें देश में ही कैसे बनाई जा सकती हैं। यह पहल भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण के पूरी तरह अनुरूप है।”

 

पेसा बिदगोश्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिज़िस्तोफ ज्द्जियार्स्की ने कहा, “भारत दुनिया के सबसे आकर्षक रेल बाजारों में से एक है। हम कई वर्षों से इस बाजार में प्रवेश की संभावनाएं तलाश रहे थे। अब हमें ऐसा साझेदार मिल रहा है, जिसके साथ हम संयुक्त रूप से परियोजनाओं को लागू कर सकते हैं और भारतीय रेल परिचालकों को रेल वाहन उपलब्ध करा सकते हैं। यूरोप के बाहर भारत हमारे सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक बन सकता है। जुपिटर वैगन्स के साथ हमारा सहयोग पेसा के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

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